अनमोल जीवन-आंचल शरण

अनमोल जीवन मजबूरी के दलदल में, मत फंस प्यारे। जिंदगी खुशियों की है, हिम्मती बनकर देख प्यारे।। आगे बढ़ चलता जा, सामने रख नज़र प्यारे। न कोई रोके, न कोई…

गुरु-मनोज कुमार मिश्र

गुरु गुरु तुम्हारे नाम की, महिमा क्या समझाय। समझने की समझ भी, गुरु तुम्हीं से आय।। गुरु बिन ज्ञान मिले नहीं, प्रकट न होवे भाव। गुरु ही अक्षर ज्ञान दे,…

नारी तु नारायणी-रीना कुमारी

नारी तु नारायणी नारी तुम्हीं त्यागमूर्ति, तुम्हीं नारायणी हो, तुम्हीं दूर्गा, तुम्हीं देवी कत्यायनी हो। तुम्हीं अम्बे, तुम्हीं जगत महरानी हो, तुम्हीं दुःख भंजनी, तुम्ही तो कष्टहारिणी हो, तुम्ही सृष्टिरचिता,…

वर्षा रानी-रूचिका

वर्षा रानी वर्षा रानी वर्षा रानी, कहाँ से लाई इतना पानी, ताल तलैया पोखरे डूबे, बताओ न अपनी कहानी। गर्मी से मन मेरा बेहाल, कैसे भी नहीं सुधरे हाल, टिप…

जिंदगी अब ऑनलाइन बनकर रह गई-मंजू रावत

जिंदगी अब ऑनलाइन बनकर रह गई जिंदगी अब ऑनलाइन बनकर रह गई, स्वतंत्र रूप से उड़ने वाले, चारों ओर घूमने वाले, घरों में कैद होकर रह गए, जिंदगी अब ऑनलाइन…

गाएँगे तेरा गुणगान-विजय सिंह नीलकण्ठ

गाएँगे तेरा गुणगान सुबह-सुबह जब सबसे पहले उठती है प्यारी चिड़िया उठकर कहती जागो बच्चो है जाग चुकी सारी दुनिया। नित्यक्रिया से निवृत्त होकर कर लो थोड़ा सा जलपान यदि…

बचपन-प्रीति कुमारी

बचपन बचपन के वो अनमोल पल जैसे हो स्वच्छ और निर्मल जल। नहीं फिक्र किसी भी बात की न चिन्ता थी जज्बात की। बस खेल-कूद और थी मस्ती पढ़ना लिखना और…