कौन कहते कि बच्चे पढते नहीं-नूतन कुमारी 

कौन कहते कि बच्चे पढते नहीं बुद्धिजीवी होना कुछेक की मुद्दत होती है, अनुकरण करना बच्चों की फितरत होती है, शिद्दत से हम उन्हें समझाते नहीं, कौन कहते हैं बच्चे…

सुर्योदय-नीभा सिंह

सूर्योदय आज कल सुबह उठते ही कोई भागम भाग का तनाव नहीं, फूलों संग, घर संग, सभी स्थानों में एक सम्मोहन सा जगा है। ना जाने यह कैसा सूर्योदय हुआ…

आओ बचाएं पानी-संगीता कुमारी सिंह

आओ बचाएं पानी मैं हूंँ तुम्हारी बूढ़ी नानी, आओ सुनाऊं तुम्हें कहानी, मेरी कहानी में है पानी, पानी जीवन का आधार, इसके बिना सूना संसार। ठोस, द्रव और गैस रूप…

पर्दा-धीरज कुमार डीजे

पर्दा एक पर्दा खिड़की दरवाजों पर लगता है अजनबी लोगों से खुद को छुपाने के लिए। एक पर्दा घूंघट का होता बड़े लोगों से अपने संस्कार बताने के लिए। एक…

परोपकार-मनु कुमारी

परोपकार एक थी रानी, बड़ी है मार्मिक उसकी कहानी, रानी के पास सबकुछ था, धन-दौलत रूपये पैसे, बंगला गाड़ी, सोने चांदी, पद प्रतिष्ठा, ऐशोआराम, सुख के थे साधन तमाम, फिर…

मेरी बगियाा-संध्या राय

मेरी बगिया मेरे छत की छोटी बगिया, फूल खिले हैं इनमें प्यारे। देख के इनके प्यारे मुखड़े, मन आनन्दित हो जाता है। ये पौधे है जीवनदायी, इनकी सांसो से है…