वह शिक्षक हैं बच्चे, स्कूल कक्षा, कोलाहल अपेक्षाएं अपरिमित सीमाएं और वह शांत है, सजग है, सुदृढ़ है वह शिक्षक है। प्रशंसा की विचलन से अनजान वह आश्वस्त है अपनी…
कलम या तलवार-चॉंदनी झा
कलम या तलवार है तेज तलवार से, कलम की धार, आओ करें इस पर विचार। बोलती है कलमें, सब कुछ लिखती है कलमें। जीवन लिखती, मृत्यु लिखती, सच झूठ में…
ऋतुराज की आली-डॉ. अनुपमा श्रीवास्तवा
ऋतुराज की आली अमुआ की डाली पर बैठी मैना से यह कोयल बोली, सात रंग आँखों में लेकर लो आ गई ऋतुराज की आली। देख उसे ले पवन हिलोरे “कानन”…
छोटे से जीवन में हर पल-अर्चना गुप्ता
छोटे से जीवन में हर पल छोटे से ही जीवन में हर पल फूल विहँसते रहते हैं। सजाए रखो मुस्कान लबों पर हर पल हमसे कहते हैं। क्षणभंगुर सी है…
भारतरत्न बिहार की माटी के गौरव-अपराजिता कुमारी
भारतरत्न बिहार की माटी के गौरव भारत के प्रथम राष्ट्रपति भारतरत्न महान बिहार की माटी के गौरव स्वतंत्रता सेनानी देशरत्न बिहार की माटी के शान। बिहार के गौरव ने जन्म…
जीवन में न मिलेगी मात-विकास
जीवन में न मिलेगी मात गोल गोल होते आलू शहद प्रेमी होता भालू टमाटर होती लाल लाल तोते की चोंच भी देखो लाल प्याज बहुत ही सबको रुलाती काली कोयल…
होली-विजय सिंह नीलकण्ठ
होली रंगों की बौछार लेकर देखो आई है होली साथ अबीर का थाल लेकर देखो आई है होली। साथ में मिलकर निकल चुके हैं देखो बच्चों की टोली हर कर…
मेरा बिहार-विजय सिंह नीलकण्ठ
मेरा बिहार मेरा बिहार प्यारा बिहार न दूजा इस जैसा संसार यहाँ मिले भरपूर प्यार एक बार नहीं हजारों बार। अड़तीस जिले हैं इसकी सान जिससे है इसकी पहचान हम…
वैभवशाली बिहार-लवली वर्मा
वैभवशाली बिहार 22 मार्च 1912 को पृथक होकर, पाया बिहार ने अपना अस्तित्व। 109 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, अतीत हज़ार वर्षों से रहा समृद्ध। समृद्ध संस्कृति, जीवंत परंपरा, भूमि अत्यंत…
निराला बिहार-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
निराला बिहार सदा गर्व से कहता हूँ मैं, भू बिहार की प्यारी है। सकल देश सारी दुनिया में, अद्भुत शान हमारी है।। जन्मभूमि राजेन्द्र, कुँवर की, लगती बहुत निराली है।…