स्वर को जाने आओ बच्चे मिलकर हम खेल-खेल में कुछ शब्द बनाएँ और करें उसका गुणगान । अ —-अनार शरीर में खून बनता है खाने से अनार, जिससे हम स्वस्थ…
सीखना-सिखाना-प्रकाश प्रभात
सीखना-सिखाना सीखना-सिखाना है मानव का काम, जन-मानस में हो शिक्षा का ज्ञान। सीखने की परंपरा हो विकसित, रहे न कोई भी यहाँ अशिक्षित। सीखना-सिखाना है जिसका काम, दुनियाँ में होता…
सीख-नूतन कुमारी
सीख मुसाफ़िर वो नहीं होता, जो केवल बन पथिक गुजरे, वही अंगार अनुपम हो, कमल-पद की, निशां छोड़े। गुज़रते पल को मत झाँको, यही अनुभव सिखाता है, जीवन को मान…
तितली रानी-नरेश कुमार ‘निराला’
तितली रानी तितली रानी तितली रानी तितली रानी बड़ी सयानी, बाग-बगीचे वन-उपवन में धूम मचाती बनकर रानी। सुन्दर-सुन्दर कोमल काया रंग-बिरंगी पंखे वाली, सबके मन को भाती तितली जब उड़ती…
सुबह होने सा कुछ-गिरिधर कुमार
सुबह होने सा कुछ बच्चे अब आएंगे अपनी किलकारियों के साथ हमें निहाल करने फीकी फिजां में रंग भरने और खिल उठा हूँ मैं भी उल्लास से सराबोर जैसे खोया…
चिड़ियों का स्कूल-अनुभव राज
चिड़ियों का स्कूल देखो अजब अनोखा प्यारा चिड़ियों का स्कूल खुला गजब जंगल में न्यारा चिड़ियों का स्कूल। बन्दर ढोल बजाता आया घर घर यह समझाया छोटी नन्हीं चिड़ियों को…
मैं त्रयलोकपावनी गंगा हूँ-मनु कुमारी
मैं त्रयलोकपावनी गंगा हूँ मैं हूँ गंगा! त्रयलोकपावनी, पापनाशिनी, भवमोचिनी , भवतारिणी, भवभामिनी गंगा l मैं हूँ सकल मनोरथ पूर्ण कामिनी, कर स्नान मुझमें प्राणी पाते हैं, सभी कष्टों से…
चूहा जब गया मेला-कुमारी अनु साह
चूहा जब गया मेला एक चूहा बडा ही अलबेला घूमने जा रहा था मेला चुहिया से बोला वही सूट बूट निकाल दो जिसे सेठ के घर से लाया था वो…
शरद पवन-मनोज कुमार दुबे
शरद पवन यह शरद पवन मतवाली है चहूं ओर कुहासा धुंध लिए दिखता नही सूरज किरण लिए अग्नि के लपटों से सटकर जीवन की साथ बस खाली है यह शरद…
ज़िन्दगी-एम० एस० हुसैन “कैमूरी”
ज़िन्दगी कितनी पाक सुहानी है यह पल भर की जिंदगी। इससे तुम इबरत लेकर दूर करो मन की गंदगी ।। कितना खुश किस्मत हैं हम जो इंसानी शक्ल है पाई…