नारी तो है नारायणी जो माँ, बहन, बेटी, पत्नी, बनती जो हैं इस जीवन का आधार जो है ईश्वर की[...]
शब्द और कवि-प्रभात रमणशब्द और कवि-प्रभात रमण
शब्द और कवि कविता के शब्द नहीं वह तो उसका एक बेटा है कुछ नन्हा सा कुछ बड़ा हुआ कुछ[...]
मानव जीवन-दिलीप कुमार गुप्तामानव जीवन-दिलीप कुमार गुप्ता
मानव जीवन नव उम्मीद स्पंदित अन्तर्मन नव विश्वास का तीव्र जागरण विश्वबंधुत्व सर्वोच्च संबल त्याग बलिदान समर्पण अभिप्रेरित मानव जीवन।[...]
विद्यालय-प्रीति कुमारीविद्यालय-प्रीति कुमारी
विद्यालय विद्या का आलय विद्यालय, जहाँ मिलता है नित ज्ञान हमें । शिक्षा रूपी इस बगिया से, फिर मिलती है[...]
नारीशक्ति-स्वाति सौरभनारीशक्ति-स्वाति सौरभ
नारीशक्ति जब जब औरत माँ बनती है, तब तब मौत से वो लड़ती है। जब बेटी से बहू बनती है,[...]
प्रगति-मधु कुमारीप्रगति-मधु कुमारी
प्रगति हो भविष्य की तुम धरोहर सुन लो ओ देश के नोनिहाल प्रगति के पथ पर है नित्य तुम्हें नए[...]
प्रेम बनाये सभी काम-विनय कुमार वैश्कियारप्रेम बनाये सभी काम-विनय कुमार वैश्कियार
प्रेम बनाये सभी काम प्रेम प्यासी हर काया, प्रेम ही सबको भाया, प्रेम पास सब लाया, प्रेम ही लुटाइये। बिगड़े[...]
कौन कहते हैं बच्चे पढ़ते नहीं-आँचल शरणकौन कहते हैं बच्चे पढ़ते नहीं-आँचल शरण
कौन कहते हैं बच्चे पढ़ते नहीं कौन कहते हैं बच्चे पढ़ते नहीं, पर सत्य तो ये है कि हम उन्हें[...]
अब क्या-प्रभात रमणअब क्या-प्रभात रमण
अब क्या अब क्या गाँव की शान ढूंढते हो ? अपनी सभ्यता का सम्मान ढूंढते हो बाँस के मचान का[...]
स्वतंत्र-अश्मजा प्रियदर्शिनीस्वतंत्र-अश्मजा प्रियदर्शिनी
स्वतंत्र ऐ नादान इंसान, तुम मुझे जाने कैसे प्यार करते थे। अपनी इच्छा से जाने क्या क्या खिलाया करते थे[...]
