मैं प्रकृति हूँ मैं प्रकृति हूँ! इंसान मैं तुझे क्या नहीं देती हूँ सबकुछ समर्पित करती हूँ तेरे लिए फिर[...]
जरा रुक-कुमकुम कुमारीजरा रुक-कुमकुम कुमारी
जरा रुक जरा रुक ऐ मनुष्य किसलिए यूं दौड़ लगाते हो । क्षणिक सुख पाने के लिए, क्यों अपना सर्वस्व[...]
कलम-अवनीश कुमारकलम-अवनीश कुमार
कलम मैं जिसके हाथ बस जाऊँ उसके मैं भाग्य बनाऊँ। मैं हूँ बड़ी अनोखी चीज़ संशय इसमे करे न कोई[...]
मेरा बचपन-रीना कुमारीमेरा बचपन-रीना कुमारी
मेरा बचपन बचपन के दिन भी क्या दिन थे। ऐसे अनुपम और अनुठे वो दिन थे। बचपन के दिन भी[...]
हौसलों की उड़ान अभी बाकी है-नूतन कुमारीहौसलों की उड़ान अभी बाकी है-नूतन कुमारी
हौसलों की उड़ान अभी बाकी है सारी बाधाएँ को पार कर, सफलता की परचम मैं लहराऊँ, जो नहीं हुआ सदियों[...]
मेरा अखंड भारत-मुकुल कुमार कपरियामेरा अखंड भारत-मुकुल कुमार कपरिया
मेरा अखंड भारत नया जन्म हो रहा हमारा, नई उमंगे आएंगी, नई नवेली आदत मेरे, जीवन को चमकाएँगी। प्रदूषण मुक्त[...]
कैसे-प्रभात रमणकैसे-प्रभात रमण
कैसे माँ भारती के दिव्य रूप को मैं दिवास्वप्न समझूँ कैसे ? इसके परम पूण्य प्रताप को मैं भला भूलूँ[...]
प्यारा गाँव-अर्चना गुप्ताप्यारा गाँव-अर्चना गुप्ता
प्यारा गाँव याद बहुत आता है मुझको सुंदर सा मेरा प्यारा गाँव हरे भरे से वो बाग बगीचे पट खोले[...]
धन्यवाद करूँ प्रभु तेरा-मधुमिताधन्यवाद करूँ प्रभु तेरा-मधुमिता
धन्यवाद करूँ प्रभु तेरा परमपिता परमात्मा कहे ये मेरी आत्मा धन्यवाद करूँ प्रभु तेरा। मन में ज्योत जगाया, मुझको[...]
मीठा-खारा-एकलव्यमीठा-खारा-एकलव्य
मीठा-खारा दो तत्वों के मेल से मैं जल बन जाता हूँ स्थान विशेष को पाकर रूप बदल पाता हूँ। मूल[...]
