हिंदी….. जैसे एक स्त्री के माथे की बिंदी । जैसे नहीं होता श्रृंगार स्त्री का , बिंदी के बिना । वैसे ही नहीं होता अभिमान हमें हिंदी के बिना ।…
बच्चों का खेल – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
मोबाईल का युग आया,बच्चे बूढे को मन भाया,आज भी गांँवों में बच्चे, खेलते अनेक खेल। कभी पानी में नाव चलाते,कभी कीचड़ में दौड़ लगाते,खाली डब्बा जोड़कर, चलाते पानी में रेल।…
Teacher (11-12) – Asim Kalim
हिंदी हमारी शान हिंदी है भाषाओं की जान, हमारी अस्मिता की पहचान । जन-जन का यही अभिमान, साहित्य का गौरव गान । भाषाओं…
काव्य लेखन – Alahm reja
जाड़े की रात पहाड़ पर रो रहा है एक हिरन खेल में मदमस्त भटक गया है वह राह वह नन्हा हिरन उसके लिए बहुत दुखी हूँ मैं उसकी दो खुली…
नव भारत का निर्माण करें – बिंदु अग्रवाल
आओ भारतवासी मिल कर ज़न-ज़न का आह्वान करें, नव गति, नव लय, गीत नया हो नव भारत का निर्माण करें। निर्माण करें हम उस युग का जिसमें ज़न-ज़न का उत्थान…
हमारी हिंदी – Purushottam Kumar
देश की शान है हमारी हिंदी पुरखों की पहचान है हमारी हिंदी। भारतेंदु की गीत है हमारी हिंदी महादेवी की प्रीत है हमारी हिंदी। दिनकर की रश्मिरथी हमारी हिंदी हिमालय…
हिन्दी (कविता) – Binod Kumar Mandal
हिन्दी हिन्दी अपनाकर तो देखो बड़ी प्यारी भाषा है हिन्दी । वतन की भाषा है हिन्दी जन जन की भाषा है हिन्दी शान हमारी है हिन्दी पहचान हमारी हैं हिन्दीसरकारी …
मेरा बिहार
यह बिहार की पावन भूमि,दामन भारत माँ का है।करुणा बोध मिली जग को,यह वरदान यहाँ का है। भूमि वीर कुंवर सिंह कि यह,विश्वामित्र का आश्रम है।जन्मे जहाँ वीर बजरंगी,माँ सीता…
नन्हा पौधा
नन्हा पौधा दादा जी ने बीज लगाया,दादी ने पानी डलवाया।चुन्नू-मुन्नू दौड़े आए,साथ में खाद भी लेकर आए। सात दिनों के बाद बीज ने,नन्हीं-नन्हीं पलकें खोली।बड़ी सलोनी है यह दुनियाँ,छोटी सी…
हिन्दी है मेरी पहचान – ASHISH AMBAR
काव्य :- हिन्दी है मेरी पहचान करते हैं तन – मन से वंदन , जन – गण – मन की अभिलाषा का । अभिनंदन अपनी संस्कृति का, आराधन अपनी भाषा…