Tag: एस.के.पूनम

S K punam

मनहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनममनहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनम

0 Comments 7:51 pm

🙏कृष्णाय नमः🙏 विद्या:-मनहरण घनाक्षरी 🌹कविता सुनाइके🌹 काव्य पथ पर चला, शब्द जोड़-जोड़ कर, प्रेम गीता लिख दिया,शब्दों को सजाइके। विचारों[...]

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आराधना कर ले- एस.के.पूनमआराधना कर ले- एस.के.पूनम

0 Comments 7:45 pm

🙏कृष्णाय नमः🙏 विद्या-मनहरण घनाक्षरी 💐(आराधना कर ले)💐 राधे बोल राधे बोल, कृष्ण बोल कृष्ण बोल, रोज भज राधा-कृष्ण,सुमिरन कर ले।[...]

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नहीं परेशान हों- एस.के.पूनमनहीं परेशान हों- एस.के.पूनम

0 Comments 8:01 pm

विद्या:-मनहरण घनाक्षरी🌹 शीत का शीलन घटे, ऊर्जा का प्रवाह बढ़े, खेत-खलिहान सजे,सुखद किसान हो। गेहूं की बालियां झुमे, खर-पतवार दिखे,[...]

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ठंड कटे कोट से- एस.के.पूनमठंड कटे कोट से- एस.के.पूनम

0 Comments 7:26 pm

विद्या:-मनहरण घनाक्षरी निकली है हल्की-हल्की, कहीं धूप-कहीं छांह, मौसम बेदर्द बना,पवन की चोट से। ताक-झांक कर रहा, बारबार झरोखों से,[...]

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पाप कर्म से डरें- एस.के.पूनमपाप कर्म से डरें- एस.के.पूनम

0 Comments 7:20 pm

विद्या:-मनहरण घनाक्षरी सीताराम-सीताराम,नयनाभिराम राम, प्रातःकाल नाम लेके,सूर्य को नमन करें। संसार है आलोकित,सूरज के प्रकाश से, ऊर्जा का संचार कर,तन[...]

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नमन युवा शक्ति विवेकानंद- एस.के.पूनमनमन युवा शक्ति विवेकानंद- एस.के.पूनम

0 Comments 7:41 pm

मनहरण घनाक्षरी(पहचान है) राष्ट्र धरोहर कहूँ, कहूँ चिन्तक साधक, युवा किया अभिमान,दिलाया सम्मान है। नरेंद्र झुकाए शीश, मिला गुरु का[...]

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शीत का भरण है- एस.के.पूनमशीत का भरण है- एस.के.पूनम

1 Comment 8:48 pm

विद्या:-मनहरण घनाक्षरी ठंडी-ठंडी हवा चली, शीत यहाँ खूब पली, आलाव है जल पड़ी,ठंड में शरण है। अंशु-अंशु कह पड़ा, करबद्ध[...]

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बीत गई बात वो- एस.के.पूनमबीत गई बात वो- एस.के.पूनम

0 Comments 8:29 pm

विद्या-:- मनहरण घनाक्षरी जीवन का नवरंग,इंद्रधनुष-सा अंग, धरा पर छाया कण, मिल गया जात को। मुस्कुराया अंशुमन,तप गया मेरा मन,[...]

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सूरज महान है-एस.के.पूनमसूरज महान है-एस.के.पूनम

0 Comments 8:22 pm

विद्या:-मनहरण घनाक्षरी व्योम,धरा प्रभा भरी,उष्णता से शीत डरी, दूर किया थरथरी,यही पहचान है। अश्व पर बैठ चले,संसार में ज्योत जले,[...]

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आनंद का पल है -एस.के.पूनमआनंद का पल है -एस.के.पूनम

0 Comments 9:17 pm

छंद:-मनहरण घनाक्षरी प्रातःकाल की बेला में,खड़ी यमुना किनारे, गागर भरतीं राधा,लेतीं नदी जल है। आरती माधव संग,बोल उठी अंग-अंग, केशव,मोहन[...]

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