पापा खयालों में भी सबका खयाल वो हर वक्त रखते हर दर्द सहकर भी होठों पर मुस्कान सदा रखते! ऐसे होते हैं पापा। परिवार में बड़े वृक्ष के जैसा सबका…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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