सुनाई देती है वही सुरीले पंछी की चहचहाहट फिर से है हवाओं में शीतल सी वही गीतों की गुनगुनाहट फिर[...]
Tag: कंचन प्रभा
मैं पथ का निर्भिक राही- कंचन प्रभामैं पथ का निर्भिक राही- कंचन प्रभा
पथ के राही चले बेफिक्र मंजिले दूर हो रास्ते कठिन हो पथरीली डगर हो काँटे बिछे हो चलना है बस[...]
लेखन मेरे लिये वरदान- कंचन प्रभालेखन मेरे लिये वरदान- कंचन प्रभा
मैं अभिशाप थी इस धरती पर जैसे कोई शाप थी इस धरती पर, भीड़ भरी दुनिया में मैं गुमनाम बन[...]
वीर सिपाही बहना का भाई- कंचन प्रभावीर सिपाही बहना का भाई- कंचन प्रभा
इस देश का जो भी वीर सिपाही है। वो इस देश के हर बहना का भाई है। दुश्मन की गोली[...]
मेरा शहर दरभंगा – कंचन प्रभामेरा शहर दरभंगा – कंचन प्रभा
ये शहर था जो कभी ख्वाबों का विशाल महलों के नवाबो का कैसी आज ये घनघोर घटा है धरा पर[...]
आस की रौशनी – कंचन प्रभाआस की रौशनी – कंचन प्रभा
फूलों की खुशबू नभ प्रभात की आस भवरों की गूँजन संसार का मोह पाश है तिमिर लौ उस खण्डहर में[...]
बौनी उड़ान – कंचन प्रभाबौनी उड़ान – कंचन प्रभा
ये उड़ान अभी बौनी है मुझे ऊपर बहुत ही जाना है। ये थकान अभी थोड़ी है मुझे अन्त समय तक[...]
शब्दों के बंधन -कंचन प्रभाशब्दों के बंधन -कंचन प्रभा
समन्दर से दूर जा के कभी शंख नही मिलते बंधन से एहसासों को कभी पंख नही मिलते अपने एहसासों मे[...]
मिट्टी से शीशे का सफर – कंचन प्रभामिट्टी से शीशे का सफर – कंचन प्रभा
आज युग कितना बदल गया है दीये की लौ बल्ब बन गई कभी हम पढ़ते थे लालटेन में लालटेन की[...]
धन्यवाद शिक्षक – कंचन प्रभाधन्यवाद शिक्षक – कंचन प्रभा
शिक्षक हैं हमारे अभिमान हमारे लिए अनमोल उनके दिए ज्ञान जीवन विचारों का है वह सम्मान हमारे शिक्षक हैं हमारे[...]
