कर्तव्य पथ पर बढ़ चल आएगी मुश्किलें बहुत, राह चलना नहीं आसान। कहीं खाई है तो कहीं पथरीली राहें, कर्तव्य पथ पर बढ चल।। कभी बर्फीले तूफानों में, तो…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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