कामयाबी जीवन में वो मंजिल ही क्या, जिसे पाना बहुत आसान हो। छाले न पड़े पैरों में, न जख्म के निशान हों।। कामयाबी के वो सपने ही क्या, आँखें सुजी,…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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