Tag: कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृती

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पुरुष- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”पुरुष- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

0 Comments 8:50 pm

यदि तुम विवेक सम्पन्न हो धर्म की वैज्ञानिकता को समझते हो अभ्युदय व निःश्रेयस की सिद्धि करते हो तो निश्चय[...]

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अब ये कदम ना पीछे हटेंगे – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”अब ये कदम ना पीछे हटेंगे – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

0 Comments 8:15 pm

ऐ सुन मेरे भाई मत बोल तीखा, अभी तो मैंने बस चलना है सीखा। पूरा है भरोसा स्वयं पर मुझको,[...]

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मंदाक्रांता छंद – कुमकुम कुमारी “काव्याकृतिमंदाक्रांता छंद – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति

0 Comments 8:28 pm

हे वागीशा, हृदय तल से,तुझे माँ मैं बुलाऊँ। आ जाना माँ, सुन विनय को,आस तेरे लगाऊँ। है ये वांछा, चरण[...]

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पाकिस्तानियों का दर्द – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”पाकिस्तानियों का दर्द – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

0 Comments 7:25 pm

अब सुनो हमारी सरकार अपनी आवाम की पुकार कुछ करो काम निर्माण का मिले जन-जन को रोजगार। आजाद हुए हुआ[...]

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युगपुरुष- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”युगपुरुष- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

0 Comments 5:52 pm

  जीवन में कुछ करना है तो, आलस को तजना होगा। बगैर रुके और बिना थके,नित्य तुम्हें चलना होगा।। सपने[...]

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करना होगा कर्म महान -कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृतिकरना होगा कर्म महान -कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति

0 Comments 6:08 pm

यूं ही नहीं किसी को,दुनिया में पूजा जाता। महादेव बनने को,हलाहल को पिया जाता।। चाहत है यदि तेरी, मिले तुमको[...]

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आयो कृष्ण कन्हाई – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति”आयो कृष्ण कन्हाई – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति”

1 Comment 6:53 pm

भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को, देवकीनंदन जन्म लिए हैं। कारागार के बंधन टूटे, द्वारपाल सब औंधे पड़े हैं। लेकर टोकरी में[...]

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कर्मनिष्ठ – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”कर्मनिष्ठ – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

0 Comments 10:31 am

जिन्हें विश्वास हो खुद पर, सदा आगे वो बढ़ जाते। करते कर्म की पूजा,कर्मयोगी वो कहलाते। नहीं करते शिकवा वो,नहीं[...]

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श्रीहरि- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”श्रीहरि- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

0 Comments 7:27 pm

श्रीराम मेरे भगवान मेरे, नित-नित मैं जपूँ बस नाम तेरे। काशी में रहूँ या रहूँ मैं कहीं, प्रभु आप रहें[...]

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माता वीणापाणि- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”माता वीणापाणि- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

0 Comments 9:34 pm

छोड़कर घर-द्वार,कर सबसे किनार, पढ़ने आए हम माँ,तप पूर्ण कीजिए। देकर ज्ञान का दान,माँ करो मेरा कल्याण, बन जाऊँ विद्यावान,[...]

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