गुरुवर तुझे नमन न आपसा है कोई श्रेष्ठ, करते हैं हम आपका सम्मान। धन्य हो जाता हमारा जीवन, पाकर आपसे ज्ञान। है नमन तुझे हे गुरुवर। आप हीं हो राष्ट्र…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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