दर्द दर्द अनोखा खूब होता है पड़ता है जब लोगों पर तनिक भी भान नहीं होता जब ठेस पहुंचाते औरों पर। पशु और पक्षी भी तो हैं प्राणी जो दर-दर…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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