दिल की आवाज आवाज है, ये मेरे दिल की मैं बनके बादल इस धरा पर बरस जाऊँ मैं बनके सावन की घटा खेतों पर छा जाऊँ मैं अपनी इस पावन…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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