Tag: देवकांत मिश्र दिव्य

Devkant

छंद चौपई – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’छंद चौपई – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

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रीढ़ देश की हैं मजदूर। नेह सुधा सुख दें भरपूर।। नित्य बहाते श्रम का स्वेद। मन में कभी न रखते[...]

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पुस्तकें: ज्ञान का वरदान – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’पुस्तकें: ज्ञान का वरदान – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

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पुस्तकें प्रेरणा वान, ज्ञान का है वरदान, सच्चा मीत मानकर, आत्मसात कीजिए। प्रतिदिन खोलकर, पाठ करें बोलकर, शारदे का अद्भुत[...]

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विधा: दोहा – देवकांत मिश्र ‘दिव्यविधा: दोहा – देवकांत मिश्र ‘दिव्य

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विधा: दोहा पृथ्वी दिवस मनाइए, लेकर नव विश्वास। जन-जन को जागृत करें, पेड़ लगाएँ पास।। हरित दिखे धरती सदा, ऐसा[...]

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गुरुवर सच्चे कर्णधार-देव कांत मिश्र दिव्यगुरुवर सच्चे कर्णधार-देव कांत मिश्र दिव्य

0 Comments 12:14 pm

गुरूवर सच्चे कर्णधार गुरूवर तुम सच्चे कर्णधार सारे शिष्यों का बहुत भार। दिव्य ज्ञान की जोत जलाकर निशिवासर करते उपकार[...]

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राखी-देव कांत मिश्र दिव्यराखी-देव कांत मिश्र दिव्य

0 Comments 1:44 pm

  राखी  पावन सावन मास में आकर अनुपम स्नेह लुटाती राखी। भैया के हाथों में सजकर मन ही मन मुस्काती[...]

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