Tag: देव कांत मिश्र

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रामधारी सिंह दिनकर – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’रामधारी सिंह दिनकर – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 5:51 pm

जन्म दिन कविवर, गाएँ गुण मिलकर, दिनकर उपनाम, सभी विधा जानते। जन्मे थे कृषक घर, मिला मातु शुभ वर, सूर्य-सा[...]

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दोहावली-देव कांत मिश्रदोहावली-देव कांत मिश्र

0 Comments 2:30 pm

दोहावली हे माता जगदम्बिके, तू जग तारणहार। अनुपम दिव्य प्रताप से, संकट मिटे हजार।। बढ़ना है जीवन अगर, चलिए मिलकर[...]

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मातृभूमि-देव कांत मिश्रमातृभूमि-देव कांत मिश्र

0 Comments 6:17 pm

मातृभूमि मातृभूमि है अपनी प्यारी, जन-जन को बतलाना है। इसकी नित रक्षा की खातिर, सुन्दर भाव जगाना है।। देखो माटी[...]

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मैं भारत हूँ-देव कांत मिश्रमैं भारत हूँ-देव कांत मिश्र

0 Comments 4:59 pm

मैं भारत हूँ मैं भारत हूँ, सदा रहूँगा, ऐसा ‌ही बतलाऊँगा। माटी के कण-कण से सबको, अभिनव गुण सिखलाऊँगा।। पत्ते[...]

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चौपाई-देव कांत मिश्र दिव्यचौपाई-देव कांत मिश्र दिव्य

0 Comments 2:11 pm

केवट कथा आएँ निर्मल कथा सुनाएँ। भक्तों का हम मान बढ़ाएँ।। राम कथा में ध्यान लगाएँ। मनहर सुखद शांति नित[...]

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गंगा – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’गंगा – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 3:00 pm

पापनाशिनी मोक्षदायिनी। पुण्यसलिला अमरतरंगिनी। ताप त्रिविध माँ तू नसावनी तरल तरंग तुंग मन भावनी।। भक्ति मुक्ति माँ तू प्रदायिनी सकल[...]

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दीन हीन आँखें-देव कांत मिश्रदीन हीन आँखें-देव कांत मिश्र

0 Comments 11:43 am

दीन-हीन की आँखें मैंने इस लॉकडाउन में एक दीन-हीन व्यक्ति को देखा पहले जैसा हँसमुख नहीं ख़ामोश व ग़म के[...]

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प्रार्थना-देव कांत मिश्रप्रार्थना-देव कांत मिश्र

0 Comments 11:08 am

प्रार्थना माँ शारदे वरदान दे, माँ शारदे वरदान दे हे हंसवाहिनी! ज्ञानदायिनी! सद्ज्ञान का अभिज्ञान दे, माँ शारदे—– निष्काम हो[...]

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