पैसे पेड़ पर नहीं उगते ये दुनिया ईश्वर की रचना। फल-फूल पेड़ पर है उगते।। पैसे-रुपए है मानव की रचना। पैसे पेड़ पर नहीं उगते।। बहुत मेहनत करो और कड़ी…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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