Tag: प्रकृति

Suresh kumar gaurav

प्रकृति जीवन प्रभात- सुरेश कुमार गौरवप्रकृति जीवन प्रभात- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 8:16 pm

हुआ सबेरा जाग उठा जीवन प्रभात! धरा की दूब पर मोती स्वरुप ओस हैं पड़े मंद-मंद वयार ताजगी के फूल[...]

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Anupama

प्रकृति-अनुपमा अधिकारी प्रकृति-अनुपमा अधिकारी 

0 Comments 12:06 pm

प्रकृति जब जब करोगे प्रकृति से छेड़छाड़, तब तब होगा सुन लो पृथ्वी पर नरसंहार! पेड़, पहाड़, नदियां सुंदर इससे[...]

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प्रकृति-मधु कुमारीप्रकृति-मधु कुमारी

0 Comments 4:42 pm

प्रकृति प्रकृति ने सजाया अद्भुत मेला लगे धरती भी जिससे अलबेला दिखे अम्बर कभी लाल, नीला तो कभी पीला। अजब[...]

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Bhawanand

प्रकृति-भवानंद सिंहप्रकृति-भवानंद सिंह

0 Comments 7:34 pm

प्रकृति प्रकृति का उपकार है सबपर जिससे जीवन आसान हुआ, प्रकृति सबका पोषण करती है जिससे जीवन खुशहाल हुआ। पानी[...]

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Archana

प्रकृति-अर्चना गुप्ताप्रकृति-अर्चना गुप्ता

0 Comments 4:53 pm

प्रकृति प्रकृति की प्रवृत्ति आदिकाल से ही निश्छल सहज और सौम्य रही है करती रही है चिरकाल से सबकी तृष्णाओं[...]

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प्रकृति-प्रियंका प्रियाप्रकृति-प्रियंका प्रिया

0 Comments 5:42 pm

प्रकृति हो व्याकुल मन की; व्यथित क्षुधा तुम, अमृत तुल्य; नीर सुधा तुम।। हे प्रकृति रुपी; ममता मयी, तू सदा[...]

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