बाल-विवाह – रत्ना प्रिया ब्याह नहीं कोमल कलियों का फूलों-सा खिल जाने दो, बचपन, शिक्षा और यौवन को, मंजिल तो मिल जाने दो । वरदानरूप मिला यह जीवन, बने…
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बाल विवाह – नेहा कुमारी
बाल विवाह – नेहा कुमारी खेलने के दिन है अभी, हुआ ना बचपन पूरा, ब्याहने की जल्दी में पढ़ने की लालसा रह जाए ना अधूरा। स्नेह और त्याग की…
बाल विवाह – संजय कुमार ठाकुर
बाल विवाह – संजय कुमार ठाकुर घर में लक्ष्मी आई है उसकी पहली किलकारी यह पैगाम लाई है हमारे दुलार से बिटिया रानी कली सी खिली है जैसे सूरज की…
बाल-विवाह – रत्ना प्रिया
बाल-विवाह – रत्ना प्रिया ब्याह नहीं कोमल कलियों का फूलों-सा खिल जाने दो, बचपन, शिक्षा और यौवन को, मंजिल तो मिल जाने दो। वरदानरूप मिला यह जीवन, बने यह अभिशाप…