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बाल विवाह – संजय कुमार ठाकुर
घर में लक्ष्मी आई है
उसकी पहली किलकारी यह पैगाम लाई है
हमारे दुलार से
बिटिया रानी कली सी खिली है
जैसे सूरज की पहली किरण है
अभी सारे जग में उजियारा फैलाएगी
शिक्षा के परवाज देकर देखो
सुगंध चहुंओर पहुंचाएगी
मौका देकर देखो
प्रतिभा का लोहा मनवाएगी…
बस अपना साथ और विश्वास
बनाए रखना
बाल विवाह की अग्नि में
उसके पंखों को न झुलसा देना
उसकी उड़ान को न बांध देना
अभी कई फासले तय करने हैं
कई मुकाम हासिल करने हैं
आसमान के सितारों से है
उसकी लड़ाई
हर बाधा को पार कर जाएगी
हमारी पहचान भी बन जाएगी
उसके पंखों को न जला देना
बाल विवाह न होने देना
बाल विवाह न होने देना….
संजय कुमार ठाकुर
टीजीटी गणित विज्ञान
मध्य विद्यालय घोसौत मीनापुर मुजफ्फरपुर

