मच्छर से जीवन की सीख आओ सुनाऊं अपनी एक कहानी हूं मैं एक हाड़मांस का आदमी दिन भर नोटों की जुगत में रहता एक पल चैन की सांस न लेता…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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