Tag: मनहरण

Jainendra

रूप घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’रूप घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 7:06 pm

तूफां से न घबराते, अपनी मंजिल पाते, जीवन के डगर की, होती न आसान राह। चट्टानों पे बीज बोते, धुन[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
S K punam

तुझे अपनाना है- एस.के.पूनमतुझे अपनाना है- एस.के.पूनम

0 Comments 3:05 pm

गगन में मेघ छाए, ठंडी-ठंडी बूंदें लाए, अंबु से सरिता भरी,हरि को पिलाना है। चल पड़े आप साथ, थाम रखें[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Manu

फूल मनहरण घनाक्षरी-मनु कुमारीफूल मनहरण घनाक्षरी-मनु कुमारी

0 Comments 1:54 pm

फूल मनहरण घनाक्षरी आओ बनें हम फूल, गम सारे जायें भूल प्रेम माल बनूं मैं, देख तू संसार के! बनके[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें