मन की अभिलाषा हिन्दुस्तान का कलमकार हूँ लिखने की जिज्ञासा है, भारत फिर से बने विश्व गुरू मन में यह अभिलाषा है। पूरब-पश्चिम उत्तर-दक्षिण चारों ओर खुशहाली हो, बाग-बगीचा वन-उपवन…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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