अपवित्र नही है पवित्र महामारी स्त्रियों में होती है जो तथाकथित ‘अपवित्र’ माहवारी। उससे ही तो जन्म लेती है ‘सृष्टि’ सारी। यूँ तो सिमटी होती है उसमें दुनिया सारी। मगर…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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