मीठा-खारा दो तत्वों के मेल से मैं जल बन जाता हूँ स्थान विशेष को पाकर रूप बदल पाता हूँ। मूल रूप से दो मैं होता मीठा-खारा मैं कहलाता पदार्थ तीन…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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