मैं हूँ भारतवासी मैं हूँ भारतवासी प्रतिदिन, भारत का गुण गाऊँ। मातृभूमि से नेह लगाकर, इसका मान बढ़ाऊंँ।। निर्मल पावन बहती नदियाँ, मानव मन हर्षाती। आसमान में उड़ी तितलियाँ, सबका…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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