बाल-विवाह – रत्ना प्रिया ब्याह नहीं कोमल कलियों का फूलों-सा खिल जाने दो, बचपन, शिक्षा और यौवन को, मंजिल तो[...]
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बाल-विवाह – रत्ना प्रियाबाल-विवाह – रत्ना प्रिया
बाल-विवाह – रत्ना प्रिया ब्याह नहीं कोमल कलियों का फूलों-सा खिल जाने दो, बचपन, शिक्षा और यौवन को, मंजिल तो[...]
दुश्मन की गद्दारी – रत्ना प्रियादुश्मन की गद्दारी – रत्ना प्रिया
मुख में राम बगल में छुरी, लानत ऐसी यारी को । अब भारतीय नहीं सहेंगे, दुश्मन की गद्दारी को ।।[...]
पुस्तकें – रत्ना प्रियापुस्तकें – रत्ना प्रिया
जीवन की आधार पुस्तकें, ज्ञान की भंडार पुस्तकें, “तमसो मा ज्योतिर्गमय” की, भरती है संस्कार पुस्तकें । जग को राह[...]
वीर कुँवर सिंह – रत्ना प्रियावीर कुँवर सिंह – रत्ना प्रिया
वीर कुँवर, तुम मगध भूमि के, भारती के लाल थे, अंग्रेजों को मार भगाने, संहारक व काल थे। अस्सी वर्ष[...]
हरियाली विकसाएँ हम- रत्ना प्रियाहरियाली विकसाएँ हम- रत्ना प्रिया
सूरज के प्रचण्ड ताप से , अब नहीं कुम्हलाएँ हम । आओ करें श्रृंगार धरा का, हरियाली विकसाएँ हम ॥[...]
समत्व योग उच्यते – रत्ना प्रियासमत्व योग उच्यते – रत्ना प्रिया
सद्ज्ञान के प्रकाश को, चहुँदिश फैलाएँ हम । ‘ समत्व योग उच्यते ’ की भावना विकसाएँ हम ॥ वह देश[...]
माँ – रत्ना प्रियामाँ – रत्ना प्रिया
माँ माँ, पास बैठो न, ममता भरी गोद में, वात्सल्य की मोद में , सुख-शांति का अनुभव करने दो न[...]
शिक्षा के दीप- रत्ना प्रियाशिक्षा के दीप- रत्ना प्रिया
पंचतत्व से निर्मित दिए में , स्नेह- घृत व बाती डालें। हम सब शिक्षक आगे बढ़कर ,नव-शिक्षा के दीप जला[...]
शिवजी करते हैं कल्याण – रत्ना प्रियाशिवजी करते हैं कल्याण – रत्ना प्रिया
शीघ्र प्रसन्न हो, भक्तों को जो देते हैं वरदान | शिवजी करते हैं कल्याण, शिवजी करते हैं कल्याण || फूल,[...]
