मंजिल दूर नहीं कर्म निरन्तर करता चल व्यर्थ चिंतन छोड़ता चल रणनीतियाँ गढ़ता चल आत्ममंथन करता चल खुद से तुलना[...]
Tag: Avnish kumar
विज्ञान को नमस्कार-अवनीश कुमारविज्ञान को नमस्कार-अवनीश कुमार
विज्ञान को नमस्कार दूर अंधेरा छँट रहा मन मे एक विश्वास जग रहा लग रहा ये आखिरी प्रयोग होगा जीत[...]
मोक्ष की प्रतिक्षा-अवनीश कुमारमोक्ष की प्रतिक्षा-अवनीश कुमार
मोक्ष की प्रतीक्षा थक जाता जब मानव का तन मन ईश्वर से मोक्ष दिलाने को करता नमन लेकिन आत्मा है[...]
मित्र-अवनीश कुमारमित्र-अवनीश कुमार
मित्र मित्र वह जो मन की बात को पढ़ ले मित्र वह जो सारे जहां में एक अनमोल रिश्ता गढ़[...]
प्रेमचंद-अवनीश कुमारप्रेमचंद-अवनीश कुमार
प्रेमचंद क्यों है कथासम्राट का जन्मदिन उपेक्षित क्या उनकी रचनाएँ अब है दम तोड़ती क्या उस कलमकार की रचना में[...]
कलम-अवनीश कुमारकलम-अवनीश कुमार
कलम मैं जिसके हाथ बस जाऊँ उसके मैं भाग्य बनाऊँ। मैं हूँ बड़ी अनोखी चीज़ संशय इसमे करे न कोई[...]
