जगजननी माँ जिससे बंधी खुशियाँ मेरी, जिससे मँहके सारा जहाँ, सबसे अच्छी, सबसे न्यारी, है वो मेरी प्यारी माँ! स्नेहमयी, आनंदमयी, वात्सल्यमयी तेरी गोद ओ माँ, जिसके आगे फीकी पर…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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