बीते को भुलाना, नए को अपनाना,
जो खोया उसका रोना, पाए पर इतराना,
अच्छाई से दोस्ती, बुराई से घबड़ाना,
खट्टी मीठी यादों का बीता सफर सुहाना,
यादों के झरोखों से बज रहा तराना,
गजब फलसफा है मेरे भाई,
जेहन में मेरे पुनः एक बात दोहराई,
अधूरी आस क्या इस वर्ष होगी पास,
नववर्ष के आगमन ने ज्यों ही खुशियां फैलाई,
तभी एक बार फिर उद्गार उमड़ आई,
2026, क्या बदलाव है लाई?
क्या सच्चाई की जीत और बेईमानी की होगी हार,
ईर्ष्या द्वेष मिटाकर भाईचारे का सपना होगा साकार,
क्या बेरोजगारी मिटेगी, रोजगार मिलेगी,
अमन चैन से भरी जिंदगी कटेगी,
कभी दिलासा कभी डर का छाया साया,
उम्मीदों ने मुझे हौसला है दिलाया,
डर को है झुकाना, हिम्मत को बढ़ाना,
शिक्षा, स्वच्छता और सामाजिक कार्य को अपनाना,
इस मंत्र को कभी न भुलाना,
यही बात जन-जन को है समझाना,
बदलाव को है अपने देश में लाना,
नववर्ष में यही गीत गुनगुनाना।
विवेक कुमार
भोला सिंह उच्च माध्यमिक विद्यालय पुरुषोत्तमपुर, कुढ़नी मुजफ्फरपुर
Vivek Kumar

