ये मेरा घर कितना प्यारा, ये मेरा घर, रहते यहाँ हम, हिलमिल कर। कितना सुन्दर, कितना मनहर, है अपना, ये[...]
Day: August 12, 2020
प्रकृति-अर्चना गुप्ताप्रकृति-अर्चना गुप्ता
प्रकृति प्रकृति की प्रवृत्ति आदिकाल से ही निश्छल सहज और सौम्य रही है करती रही है चिरकाल से सबकी तृष्णाओं[...]
पटरी पर लौटती जिंदगी-अर्चना गुप्तापटरी पर लौटती जिंदगी-अर्चना गुप्ता
पटरी पर लौटती जिंदगी छाई है जो ऐसी महामारी हाहाकार मची बड़ी भारी सांसत में है सबकी जान हो गई[...]
अत्याचार-प्रभात रमणअत्याचार-प्रभात रमण
अत्याचार माता की ममता हार गई हारा पिता का प्यार है भाई का स्नेह भी हार गया बहन तो सर[...]
बेटी-प्रभात रमणबेटी-प्रभात रमण
बेटी बीजों को कोंपल बनने दो कलियों को तोड़ो मत तुम बेटी तो घर की लक्ष्मी है उससे मुँह मोड़ो[...]
मधुमख्खी का डंक-रीना कुमारीमधुमख्खी का डंक-रीना कुमारी
मधुमख्खी का डंक ओ मधुमख्खी रानी, ओ मधुमख्खी रानी। तुने खुब बनाई अपनी कहानी।। एक गाँव की सुनो कहानी, ना[...]
बेटी की अटल प्रतिज्ञा- रीना कुमारीबेटी की अटल प्रतिज्ञा- रीना कुमारी
बेटी की अटल प्रतिज्ञा एक लड़की है भोली-भाली प्यारी प्यारी और न्यारी न्यारी। सुन्दर सुन्दर फूलों जैसे उसके तन, सुन्दर[...]
धमाचौकड़ी-रुचि सिन्हाधमाचौकड़ी-रुचि सिन्हा
धमाचौकड़ी बच्चों के मन को हरसाई, चीं-चीं करती चिड़ियां आई। देख नजारा चिड़ियों का, चिंटू ने आवाज लगाई। सुन लो[...]
ये बेटियाँ- मधु कुमारीये बेटियाँ- मधु कुमारी
ये बेटियाँ बेटियाँ उन्मुक्त नदियों की लहरों-सी मदमस्त हवा के ठण्डे झोंकों-सी चहकती, दमकती, मदमस्त छबिली-सी छन-छन के सुरीली गीतों-सी[...]
