एक नई शुरूआत-दिलीप कुमार गुप्ता

एक नई शुरुआत हर शाम के बाद स्वर्णिम प्रभात है गुलामी नीरवता से मुक्ति आजादी की बयार है मिलन बाद विछोह पुनर्मिलन की आस है मृत्यु के साथ ही नव…

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हिन्दी भाषा-प्रकाश प्रभात

हिन्दी भाषा हिन्दी हम सबों की राष्ट्रभाषा है ! जिनसे हम सबों की अभिलाषा है!! हिन्दी हमारी शान है, विश्व में जिसकी पहचान है । हिन्दी से हैं हम, उर्दू…

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हिंदी देश की पहचान-नरेश कुमार निराला

हिंदी देश की पहचान हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा भारत की यह शान है, हिन्दी से जगमग हम सब का प्यारा हिन्दुस्तान है। तुलसी, कबीर, नानक के जैसे कविवर यहाँ महान है,…

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शपथ हूँ-एकलव्य

शपथ हूँ प्रतिवर्ष 14 सितंबर को तुझे याद करता हूँ, तुम राजभाषा हो राष्ट्रभाषा बनाने की बात करता हूँ,  सम्मान समारोह के द्वारा तुझे एक बार फिर से याद करने…

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हिंदी भाषा-आँचल शरण

हिंदी भाषा मैं हिंदी भाषा हूँ, प्रकृति मेरी जननी है मैं संस्कृत के सिंध भाषा से आई हूँ! मैं भारत की शान बढ़ाई हूँ, चंद्रबिंदु से धरती पर चाँद उतारी…

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हिन्दी-मनोज कुमार दुबे

हिन्दी भले हिन्दी में नंबर कम आते हैं। अंग्रेजी बोलने से भी घबराते हैं।। फिर भी अंग्रेजी के लिए जोर लगाते हैं। क्योंकि हम हिन्दी बोलने से शर्माते हैं।। इंग्लिश…

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हे सृजनहार सुन लो पुकार-देव कांत मिश्र दिव्य

हे सृजनहार सुन ले पुकार हे सृजनहार ! मेरी सुन ले पुकार हिय में बहे सदा प्रेम की बयार।। निर्मल और शुद्ध होवे व्यवहार कर सकूंँ प्राणियों से सम प्यार।।…

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मैं भी स्कूल जाऊँगा-भवानंद सिंह

मैं भी स्कूल जाऊँगा  निकली जब स्कूल के लिए बच्चों की टोली, लिए अपनी हाथों में बस्ता और झोली । चले जा रहे थे सब अपनी सिमत से, रोहन, रोहित,…

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टीचर्स ऑफ बिहार के पद्यपंकज

Vijay Bahdur Singh

टीचर्स ऑफ बिहार के पद्यपंकज, गद्यगुंजन और ब्लॉग टीम लीडर विजय बहादुर सिंह आपका स्वागत करता है। पद्यपंकज, गद्यगुंजन के रचना का सत्यापन श्री विजय बहादुर सिंह जी के द्वारा की जाती है।


धन्यवाद

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