मानव जन्म अनमोल है-अर्चना गुप्ता

मानव जन्म अनमोल है मानव जन्म अनमोल है शुद्ध रखो आचार-विचार मधुर वाणी रखो जिह्वा में फैलाओ जग में सद्व्यवहार प्रेम, दया, सौहार्द्र, समन्वय संग सींचेगा जो यह संसार पथ…

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बने वो महान-अश्मजा प्रियदर्शिनी

बने वो महान अपने सत्कर्म से शाहस व सद्धर्म से बने वो महान। कामयाबी के शिखर पर अनेक थे व्यवधान। भारत माता के लाल बहादुर से गौरवान्वित है हिन्दुस्तान। अपने…

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करुणा की मूर्ती, लोकतंत्र का पर्व-अशोक कुमार

करुणा की मूर्ति करुणा की सागर है तू, ममता का गागर है तू। है जगत जननी है तू, सुख दुःख का संताप है तू।। तुम्ही हो ज्ञान कि ज्योति, प्रलय…

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हौसलों की उड़ान-भवानंद सिंह

हौंसलों की उड़ान बुझे हुए दीये को फिर से जलाना है, फैले हुए प्रकाश से अज्ञान का तिमिर मिटाना है । खोए हुए आत्मविश्वास को फिर से हमें जगाना है,…

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वीर-अवनीश कुमार

वीर वीर तू आगे बढ़ शत्रु पर वार कर शत्रु छद्मरूप धरे बहुतेरे आलस्य, निद्रा, अहम, वहम छल, द्वेष, पाखंड, झूठ क्रोध, ईर्ष्या, अत्याचार नाम है तेरे इनको तू खुद…

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टीचर्स ऑफ बिहार के पद्यपंकज

Vijay Bahdur Singh

टीचर्स ऑफ बिहार के पद्यपंकज, गद्यगुंजन और ब्लॉग टीम लीडर विजय बहादुर सिंह आपका स्वागत करता है। पद्यपंकज, गद्यगुंजन के रचना का सत्यापन श्री विजय बहादुर सिंह जी के द्वारा की जाती है।


धन्यवाद

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