शनैः शनैः जिंदगी गुजर रही है लम्हों का गुजरना ऐसा है मानों, मुट्ठी से रेत फिसल रही है, इसे गिले-शिकवे[...]
Day: January 10, 2021
बागों में बहार है-प्रकाश प्रभातबागों में बहार है-प्रकाश प्रभात
बागों में बहार है हर मौसम खुशी लेकर आए, दुःख की क्या बिसात है। हम सभी मिल-जुलकर रहेंगे, डरने की[...]
