Day: May 11, 2021

जिंदगी का सार-संगीता कुमारी सिंहजिंदगी का सार-संगीता कुमारी सिंह

0 Comments 12:00 pm

जिंदगी का सार यूं ही कभी आसमाँ को निहारते, देखा मैंने, शाम के धुंधलके में, चाँद का निकलना, शुभ्र, धवल,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

कैद हो गई जिन्दगी-प्रीति कुमारीकैद हो गई जिन्दगी-प्रीति कुमारी

0 Comments 11:12 am

कैद हो गई जिन्दगी  कैद हो गई जिन्दगी, यूँ ही समय व्यतीत हो रहा, ऐसा लगता है मानो, दुर्गम है[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

तन माटी का एक खिलौना-रानी सिंहतन माटी का एक खिलौना-रानी सिंह

0 Comments 9:54 am

तन माटी का एक खिलौना जन्म-मरण का फेरा यारों चलता बारंबार यहाँ तन माटी का एक खिलौना टूटा कितनी बार[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें