है धरा आज फिर मुसकाई , है चली आज फिर पुरवाई घनघोर घटा फिर से छाई, खुश होकर झूमे अमराई[...]
Day: June 1, 2021
नादान मानव – संगीता कुमारी सिंहनादान मानव – संगीता कुमारी सिंह
नादान मानव प्रकृति मॉं ने कितना समझाया, सतर्क ,सावधान किया, न माना मानव, तो डराया, धमकाया, पर नादान मानव! जिद[...]
