Day: October 16, 2021

भजन-जैनेन्द्र प्रसाद रविभजन-जैनेन्द्र प्रसाद रवि

भजन तोहर माथे में मुकुट गले हार सोहे ली, माई दसों हाथ तोहर हथियार सोहे ली। कर में कंगन सोहे भाल सोहे बिंदिया, असुरों के देख तोहे आवे नहीं निंदिया। तोहर अंग-अंग सोलहो सिंगार सोहे ली, माई दसों हाथ तोहर हथियार सोहे ली।। जहां-जहां देखूं तोहर सुंदर रे मूरतिया, श्रद्धा, धूप-दीप से उतारूं रे आरतिया। […][...]

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नव शक्ति का स्तुति वंदन-दिलीप कुमारनव शक्ति का स्तुति वंदन-दिलीप कुमार

नव शक्ति का स्तुति वंदन  पूज्य संत अति पावन मीरा मिटा दुःख भव बंधन पीड़ा रवि ने निर्गुण माधव सुझाया अलख पार आत्मरूप पाया इनके पग पावन भक्ति चंदन नव शक्ति का करें स्तुति वंदन। सहजो भक्तिन की सुलभ सहजावस्था आत्मकल्याण की दुर्लभ ध्यानावस्था ईश से गुरूतर गुरु को पाया आवागमन का जिसने संताप मिटाया […][...]

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