Day: October 20, 2021

दादा और पोते के संवाद-दिलीप गुप्ता ‘दीप’दादा और पोते के संवाद-दिलीप गुप्ता ‘दीप’

दादा और पोते के संवाद दादा यहां तू कैसे आए, कौन ले आया तुमको। तुम बिन रहे उदास सदा, क्या एहसास है तुमको। मेरा बचपन कट जाता था, खेल-खेल कर तेरे संग में। बहुत उदास लगे है मुझको, अब न रहूँगा मैं उस घर में। बोले मम्मा डैड थे मुझको, तुम तो गए हो रिश्ते […][...]

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शरद का चाँद-नूतन कुमारीशरद का चाँद-नूतन कुमारी

शरद का चाँद आज पूर्णिमा शरद की आई, चाँद ने अपनी छटा बिखराई, गगन से अमृत बरस रहा है, प्रकृति ने भी यूँ ली अंगराई। सोलह कलाओं से युक्त चंदा, रुपहली औ मनमोहक लगते, ओढ़ तारों की भींगी चदरिया, निहारु राह तो इतराने लगते। आज खुशी से झूम उठा मन, आज की बेला अद्भुत पावन, […][...]

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