Uncategorized रूप घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद रविरूप घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि July 16, 2024 Dev Kant MishraDev Kant Mishra 0 Comments 10:02 pm कोई यहाँ मौज करे, लाखों लूटा भोज करे, गरीबों की जिंदगी तो, काँटों के समान है। कोई तो दाने-दाने को,[...] और पढ़ेंऔर पढ़ें