Day: September 10, 2025

Jainendra

सुखी होगा परिवार- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’सुखी होगा परिवार- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 10:26 am

रूप घनाक्षरी छंद में पितरों को तिल जल- कुशाग्र अर्पण करें, उनके आशीष से ही, सुखी होगा परिवार। नदियों या[...]

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Jainendra

जैसी होती भावना- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’जैसी होती भावना- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 10:17 am

जैसी होती भावना मनहरण घनाक्षरी छंद मानने से पत्थर में- मिलते हैं भगवान, दूध में मक्खन सिर्फ, देखे मेरी भावना।[...]

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मेरी प्यारी माँ- राकेश कुमार यादवमेरी प्यारी माँ- राकेश कुमार यादव

0 Comments 7:53 am

मेरी मां सबसे प्यारी, सबसे बलशाली बाढ़ -पानी सबमें इलाज कराने जाती। अपनें लाडले की भलाई के लिए सारी दुनिया[...]

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वो जहां वो मां है – दुष्यंत सेनवो जहां वो मां है – दुष्यंत सेन

0 Comments 7:44 am

एक दिन स्कूल जाते वक्त मुझे रस्ते में एक मां मिली जो बीच रास्ते में खड़ी नजर लगाए थी कि[...]

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