Day: December 17, 2025

Ram Kishore Pathak

राज को न खोलिए..रामकिशोर पाठकराज को न खोलिए..रामकिशोर पाठक

0 Comments 7:02 pm

राज को न खोलिए २१२-१२१-२ राज को न खोलिए।और से न बोलिए।। प्रीति नैन में बसी।आप खास हो लिए।। शब्द-शब्द[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

आपस में प्यार हो.. जैनेंद्र प्रसाद रविआपस में प्यार हो.. जैनेंद्र प्रसाद रवि

0 Comments 6:58 pm

*आपस में प्यार हो*(मनहरण घनाक्षरी छंद)**********************कोई कहे लाख बुरा- करता   बुराई   नहीं, *अवगुण गुण बन-जाए सद्विचार हो*। यदि हो अभिन्न[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें