राज को न खोलिए २१२-१२१-२ राज को न खोलिए।और से न बोलिए।। प्रीति नैन में बसी।आप खास हो लिए।। शब्द-शब्द[...]
Day: December 17, 2025
आपस में प्यार हो.. जैनेंद्र प्रसाद रविआपस में प्यार हो.. जैनेंद्र प्रसाद रवि
*आपस में प्यार हो*(मनहरण घनाक्षरी छंद)**********************कोई कहे लाख बुरा- करता बुराई नहीं, *अवगुण गुण बन-जाए सद्विचार हो*। यदि हो अभिन्न[...]
