जिंदगी आज है कल नहीं मिलेगी ,दुनिया तो इसी तरह चलेगी ।बहकावे में न तू किसी के आना ,तभी तो बहारें खुशियाँ मिलेंगी ।[...]
Day: December 27, 2025
सर्दी का असर. .भावानंद सिंहसर्दी का असर. .भावानंद सिंह
—- धनाक्षरी छंद ————————-शीत का असर देखो,सब पे बराबर है,बिछावन पर दुबके, ओढ़े कम्बल है। सर्द हवा चल रही,ठिठुर रहा[...]
माँ शारदे-राम किशोर पाठकमाँ शारदे-राम किशोर पाठक
धरणी छंद वर्णिक माँ शारदे, दया दिखलाओ। दे बुद्धि को, कृपा बरसाओ।। कोई कहे, तुम्हें बलशाली।मानें सदा, तुम्हें सब काली।।माता[...]
नववर्ष तुम्हारा स्वागत है..आशीष अंबरनववर्ष तुम्हारा स्वागत है..आशीष अंबर
कविता नववर्ष तुम्हारा स्वागत है,खुशियाँ मिले सबको बस यही चाहत है । नया जोश, नया उल्लास छाया है,खुशियाँ लेकर अपार[...]
