बसंत आम के पेड़ पर छाए बौड़़ चर- अचर नाचें चहूँ ओर सुरभित भए दिग- दिगंत सखि, यही तो है[...]
Day: February 7, 2026
दोहे रामकिशोर पाठकदोहे रामकिशोर पाठक
दोहे सकल सृष्टि में कर्म के, फल का बना विधान। जिसका पालन का सदा, रखते शनि हैं ध्यान।। जिसने जैसा[...]
आकाश बाल कविता -रामकिशोर पाठकआकाश बाल कविता -रामकिशोर पाठक
आकाश- बाल कविता अम्मा कहती हैं मुझे, छूना है आकाश। मेरे सारे कार्य पर, देती है शाबाश।। हर्षित होकर मैं[...]
