विषय -मैं और मेरा समाज। शीर्षक -ये दोनों देते एक दूसरे का साथ। मैं और मेरा समाज करते हैं, मिलकर[...]
Author: Dr Snehlata Dwivedi
जग कैसे सुख पाए रामकिशोर पाठकजग कैसे सुख पाए रामकिशोर पाठक
जग कैसे सुख पाए- सार छंद गीत हाहाकार मचा है जग में, कौन किसे समझाए। युद्ध थमेगा अगर नहीं तो,[...]
किताबों की दुनिया संजय कुमारकिताबों की दुनिया संजय कुमार
किताबों की दुनिया पार्ट 2 इसकी दुनिया में गाँव का सरल जीवन है जिसमें खेतीवारी और दुनियादारी है तो गाँव[...]
कमल नयन से राधा कहती -रामकिशोर पाठककमल नयन से राधा कहती -रामकिशोर पाठक
कमल नयन से राधा कहती- राधा रमण छंद गीत १११-१११-२२२-११२ कमल नयन से राधा कहती। निसदिन उर में पीड़ा रहती।।[...]
खेल खेल में- रुचिकाखेल खेल में- रुचिका
खेल खेल में खेल खेल में उसने सीखा जिंदगी के गुण, हार जीत में नही बदलो जीवन के धुन, स्वस्थ[...]
राधा माधव सबने बोला -रामकिशोर पाठकराधा माधव सबने बोला -रामकिशोर पाठक
राधा माधव सबने बोला- प्रणव छंद गीत राधा माधव सबने बोला। कैसे अंतस किसने खोला।। जो है कृष्ण भजन में[...]
सुकून से गाने दो -रत्ना प्रियासुकून से गाने दो -रत्ना प्रिया
सुकून से गाने दो जीवन का नया संगीत, मुझे गुनगुनाने दो, बंशी बजाऊँ चैन की, सुकून से गाने दो ।[...]
किरदार -रामकिशोर पाठककिरदार -रामकिशोर पाठक
किरदार- सरसी छंद आधारित गीत पावन भूतल धरा धाम यह, हम सबका आधार। रंगमंच सा मंचन करते, यहाँ सभी किरदार।।[...]
कैसे आदर सबसे पाएं -रामकिशोर पाठककैसे आदर सबसे पाएं -रामकिशोर पाठक
कैसे आदर सबसे पाएँ- प्रणव छंद गीत कैसे आदर सबसे पाएँ। आँखों में बस सबकी जाएँ।। ऐसी चाहत सबकी होती।[...]
गूंजे आपस की लाली -रामपाल प्रसाद सिंहगूंजे आपस की लाली -रामपाल प्रसाद सिंह
गूँजे आपस की लाली। दो धर्मों के मेल निरंतर,सुख की धार बहाते हैं। कुछ ऐसे कट्टरपंथी हैं,लपट कटार उठाते हैं।।[...]
