पद्यपंकज Uncategorized,बाल कविता अपने बोल में मिसरी घोलें- अमरनाथ त्रिवेदी

अपने बोल में मिसरी घोलें- अमरनाथ त्रिवेदी


Amarnath Trivedi

लेख सुनें तैयार

अपने बोल  में  मिसरी  घोलें,
सबके  दिल  के ताले  खोलें।

हम हैं बच्चे   बहुत   सयाने,
मीठे बोल के  बहुत   दीवाने।

हर मुश्किल में इसके मोल,
दिल के सब दरवाजे खोल।

पराए को भी अपना लेते,
सबके संकट दूर कर देते।

जीवन है कुछ दिन का खेल,
यही  कराते  सबसे मेल।

मीठी  वाणी  में जादू-सी शक्ति,
सभी के लिए यह बड़ी अभिव्यक्ति।

हरदम जीवन में सोच के बोल,
सबके  मन  में  मिसरी घोल।

ध्यान सदा  इस बात  का  रखें,
हर बातों का  ख्याल  भी  रखें।

ध्यान रहे कभी न बिगड़े बोल,
यह मानव जीवन बड़ा अनमोल।

हम सब बच्चे दिल के भोले,
कभी न कटु सत्य भी बोलें।

वादा करें न कभी तीखे बोलें,
हरदम ही हम मिसरी घोलें।

अमरनाथ त्रिवेदी
पूर्व प्रधानाध्यापक
उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैंगरा
प्रखंड-बंदरा जिला-मुजफ्फरपुर

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