Category: Bhakti

For the attainment of God in the world, for the welfare of the person, one has to do spiritual practice for salvation. For this, Bhakti is the best. Therefore, devotion to God and having prayer and meditation is called Bhakti.

Ram Kishore Pathak

मातु अम्बे आ रही-राम किशोर पाठक मातु अम्बे आ रही-राम किशोर पाठक 

0 Comments 7:20 pm

मातु अम्बे आ रही। सौम्यता दिखला रही।। भक्त को खुशियाँ मिली। दुष्ट को दहला रही।। रात्रि नौ मधुमास की। दिव्यता[...]

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Ram Kishore Pathak

मेरे भोले नाथ जी-राम किशोर पाठकमेरे भोले नाथ जी-राम किशोर पाठक

0 Comments 11:47 am

शिव शंभू अविनाशी, कहलाते जो कैलाशी, घट-घट के हैं वासी, पार्वती के साथ जी। बेलपत्र पर रीझे, भक्तों से कभी[...]

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Kumkum

करो उद्धार प्रभु-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’करो उद्धार प्रभु-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

0 Comments 11:44 am

मुनि से शापित ये सुकोमल सी नारी, हो गई उपेक्षित अहल्या बेचारी।  महा तपस्विनी थी विदुषी जो नारी, क्यों बन[...]

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Ram Kishore Pathak

हरि वामन बन आए-राम किशोर पाठकहरि वामन बन आए-राम किशोर पाठक

0 Comments 11:29 pm

भक्ति पुष्प फुलवारी महके, हरि आते हर्षाए। असुर राज बलि के ही द्वारे, हरि वामन बन आए।। प्रहलाद भक्त पुत्र[...]

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Ram Kishore Pathak

वामन अवतार- राम किशोर पाठकवामन अवतार- राम किशोर पाठक

0 Comments 7:29 pm

नारायण निज अंश से, ले वामन अवतार। हरने भूतल भार को, प्रकट हुए संसार।। गंगा तट बक्सर शुभद, सिद्धाश्रम स्थान।[...]

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Ram Kishore Pathak

अहिल्याबाई होल्कर-राम किशोर पाठकअहिल्याबाई होल्कर-राम किशोर पाठक

0 Comments 7:26 pm

वीरों की गाथाओं में है, एक पुराना नाम। वीरांगना अहिल्याबाई, को हम करें प्रणाम।। महाराष्ट्र साम्राज्य मराठा, चौंड़ी नामक गाँव।[...]

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Ram Kishore Pathak

कृपा करो प्रदान माँ-राम किशोर पाठककृपा करो प्रदान माँ-राम किशोर पाठक

0 Comments 7:22 pm

कृपा करो प्रदान माँ। मिले नया विहान माँ।। निदान भूल का करो। विकार शूल को हरो।। विचार शुद्धता भरो। प्रगाढ़[...]

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Ram Kishore Pathak

अंग-अंग प्रेम रंग-राम किशोर पाठकअंग-अंग प्रेम रंग-राम किशोर पाठक

0 Comments 7:18 pm

अंग-अंग प्रेम रंग। साँवरा बना विहंग।। राधिका उदास जान। छेड़ मंद-मंद तान।। सौम्य गीत प्रेम गान। कुंज ढूँढता निदान।। ध्यान[...]

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Ram Kishore Pathak

नींद से अब जागिए-राम किशोर पाठकनींद से अब जागिए-राम किशोर पाठक

0 Comments 8:26 pm

नींद से जग जाइए। गीत प्रभु का गाइए।। भूल कड़वी बात को। प्रेम से मुस्काइए।। दोष जिसका भी रहा। रोष[...]

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Ram Kishore Pathak

श्याम नारी वेश में-राम किशोर पाठकश्याम नारी वेश में-राम किशोर पाठक

0 Comments 6:17 pm

श्याम नारी वेश में। पुष्प डाले केश में।। माथ पर डलिया लिए। कान की बलिया लिए।। हार कंगण संग में।[...]

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