Category: Bhakti

For the attainment of God in the world, for the welfare of the person, one has to do spiritual practice for salvation. For this, Bhakti is the best. Therefore, devotion to God and having prayer and meditation is called Bhakti.

स्कंदमाता – Archanaस्कंदमाता – Archana

0 Comments 10:24 pm

स्कंदमाता    नवदुर्गा का पंचम स्वरूप, कहलाती हैं स्कन्दमाता । हर कामना को पूरा करती, सुख-समृद्धि औ”मोक्ष दाता।।   कमलासन[...]

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कुष्माण्डेति चतुर्थकम् “_अरविंद मिश्र “नीरज “कुष्माण्डेति चतुर्थकम् “_अरविंद मिश्र “नीरज “

0 Comments 10:25 pm

“कुष्माण्डेति चतुर्थकम् ” रविसम दीप्त देह केर आभा, दुर्गा अष्ट भुजा बाली। इषित हाससँ सृजित केलहुँ ब्रह्मांड सकल पुनि प्रतिपाली।[...]

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हे स्त्री आप साधारण नहीं होहे स्त्री आप साधारण नहीं हो

0 Comments 6:08 pm

॥ हे स्त्री! आप साधारण नहीं हो ॥ – गौरव कुमार तिवारी हे स्त्री! आप साधारण नहीं हो, माँ भवानी[...]

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नवदुर्गा की हुंकार- चंद्रकांत कुमारनवदुर्गा की हुंकार- चंद्रकांत कुमार

0 Comments 6:06 pm

शीर्षक: “नवदुर्गा की हुंकार” उठो तेजस्वी…! अपने जीवन में हुंकार भरो, नवयुग के जीवन का निर्माण करो, माँ दुर्गा के[...]

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माँ! मुझे अपना पुत्र बना लो – उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशकमाँ! मुझे अपना पुत्र बना लो – उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशक

0 Comments 1:24 pm

पढ़ा है मैंने पुस्तकों में, तुम शक्ति की प्रतिमूर्ति हो, दीन-दुखियों की रखवाली, करुणा की तुम मूर्ति हो। नवरात्र की[...]

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Nutan

नवशक्ति-नूतन कुमारी नवशक्ति-नूतन कुमारी 

0 Comments 1:16 pm

हे दुर्गा ! हे चंडिके! हे महामाया! स्त्री रुप है तेरी ही छाया, तेरी नवशक्ति से दुनिया कायम, तूने यह[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

अंतर्ब्रह्माण्ड का दिव्य दीप – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरअंतर्ब्रह्माण्ड का दिव्य दीप – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:47 pm

अंतर्ब्रह्माण्ड का दिव्य दीप – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर नभ मंडल का दृश्य-जगत तो स्थूल दृष्टि का रेला है, किंतु पिंड[...]

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RAMPAL SINGH ANJAN

ब्रह्मचारिणी रूप – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ब्रह्मचारिणी रूप – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 8:35 pm

ब्रह्मचारिणी रूप – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ शिखर हिमालय से भी ऊँचा, माता तुमको पाऊँ मैं। दिव्य लोक के सिंहासन[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

महामंत्र: आत्म शुद्धि- धर्मेंद्र कुमार ठाकुरमहामंत्र: आत्म शुद्धि- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

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महामंत्र: आत्म शुद्धि सिद्ध होंगे कार्य सारे, सिद्धियाँ चरण चूमेंगी, सफलता की पताकाएँ, गगन में गोल घूमेंगी। अगर पहचान ले[...]

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Umesh kumar sinha

राधे-कृष्ण के चरणों में -उमेश कुमार सिन्हाराधे-कृष्ण के चरणों में -उमेश कुमार सिन्हा

0 Comments 8:44 am

राधे–कृष्ण के चरणों में मिलती शांति, नहीं रह जाती मन में कोई अशांति। राधे नाम से मिटती मन की भ्रांति,[...]

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