Category: Bhakti

For the attainment of God in the world, for the welfare of the person, one has to do spiritual practice for salvation. For this, Bhakti is the best. Therefore, devotion to God and having prayer and meditation is called Bhakti.

Ram Kishore Pathak

नींद से अब जागिए-राम किशोर पाठकनींद से अब जागिए-राम किशोर पाठक

0 Comments 8:26 pm

नींद से जग जाइए। गीत प्रभु का गाइए।। भूल कड़वी बात को। प्रेम से मुस्काइए।। दोष जिसका भी रहा। रोष[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

श्याम नारी वेश में-राम किशोर पाठकश्याम नारी वेश में-राम किशोर पाठक

0 Comments 6:17 pm

श्याम नारी वेश में। पुष्प डाले केश में।। माथ पर डलिया लिए। कान की बलिया लिए।। हार कंगण संग में।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

श्याम मोहे रंग दे-राम किशोर पाठकश्याम मोहे रंग दे-राम किशोर पाठक

0 Comments 3:57 pm

फाग में नव ढंग दे। श्याम मोहे रंग दे।। आज श्यामा बोल दी। राज दिल की खोल दी।। फाग में[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
ashish amber

महादेव की महिमा-आशीष अम्बरमहादेव की महिमा-आशीष अम्बर

0 Comments 11:23 am

महाशिवरात्रि का त्योहार है आया, शिवालयों में है उत्सव छाया । जिनकी जटा से निकली है गंगा, आज शिवजी का[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Harsh Narayan Das

शिव भजन-हर्ष नारायण दासशिव भजन-हर्ष नारायण दास

0 Comments 11:14 am

मेरेभोले बाबा का प्यारा है नाम।  कैलाश है उनका धाम।। मेरे भोले बाबा का सुन्दर है नाम। मैया गौरी हैं[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

ऊँ कृष्णाय नमः-एस.के.पूनमऊँ कृष्णाय नमः-एस.के.पूनम

0 Comments 11:06 am

💐रुद्राणी संग त्रिलोचन ने💐 (1) तिलक चंदन लगे मस्तक, जटाधारी सदा राजे। विराजीं शीश पर गंगा, सुधाकर माथ पर साजे।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ratna Priya

शिव-शक्ति-रत्ना प्रियाशिव-शक्ति-रत्ना प्रिया

0 Comments 10:38 am

कल्याण करते हैं जगत् का  शिव आदिदेव अनंत हैं  परब्रह्म हैं, परमेश्वर हैं  अनुप्राणित दिग्-दिगंत हैं । शिव गंड्ग की[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

भोलेनाथ हो-राम किशोर पाठकभोलेनाथ हो-राम किशोर पाठक

0 Comments 5:59 pm

लेकर आए हैं बाराती, करके चौड़ी छाती, भोले नाथ हो। है हैरत में दुनिया सारी, अद्भुत रूप निहारी, शशिधर माथ[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
RAMPAL SINGH ANJAN

शिव विवाह -रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’शिव विवाह -रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 5:55 pm

क्षितिज लालिमा की झलक,संपूरित उल्लास। नभचर थलचर चेतना,भरतीं हैं हुल्लास।। सारी सृष्टि सजी-धजी,निकलेगी बारात। गाजे-बाजे में खिले,दानव-मानव जात।। जय-जय हे[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

भक्त हितकारी-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’भक्त हितकारी-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 8:55 am

विश्वनाथ मम नाथ मुरारी। त्रिभुवन महिमा विदित तुम्हारी।। कौशल्या नंदन बन रघुकुल आये, नीर निधि के बीच द्वारिका बसाये, कोई[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें