आओ गांधीगिरी अपनाएं – विवेक कुमार

आज 2 अक्तूबर का शुभ दिन आया, गांधी जी की है याद कराया, सत्य अहिंसा जिनको भाया, जिसने अंग्रेजो के छक्के छुड़ाया, स्वतंत्रता तो सबको भाएं आओ गांधीगिरी अपनाएं ।…

बेटी है वरदान – विवेक कुमार

बेटी है वरदान, करें न इनका अपमान, बेटी होती सबसे खास, छीना जाता क्यूं इनकी सांस, कुदरत का अनमोल रतन, जीवन देने का करो जतन, दुनियां की दौलत उसने पाई,…

शिक्षक को सम्मान चाहिए – विवेक कुमार

राही को जो राह दिखाए, गिरते को ऊपर उठाए, कच्ची मिट्टी से घड़े बनाए, धार उनकी कुंद बनाए, अपनी बिना परवाह किए, छात्रों का भविष्य बनाए, मुसीबत आने पर भी,…

रक्षाबंधन का संकल्प – विवेक कुमार

प्रेम और विश्वास का प्रतीक, स्नेह और दुलार बड़ा ही नीक, अदभुत अनोखा अटूट बंधन, मस्तक पर धारित तिल चंदन, जैसे आकाश और गगन, वैसे भाई और बहन, जैसे धूप…

डेली डोज – विवेक कुमार

30 मिनट का डेली डोज, भगाए हमारे सारे रोग। योग का हमें मिला वरदान, क्यूं न करें इसका निदान, सूर्य नमस्कार का करें प्रयोग, तन मन स्वस्थ हेतु करें उपयोग,…

मेरी मां – विवेक कुमार

आओ सुनाता हूं अपनी कहानी, निःस्वार्थ प्रेम की कहानी, अपनी जुबानी मां के छोटे शब्द में ब्रह्मांड है समाई, दुख दर्द सहे ठोकरे खाई, जन्म दे मुझे धारा पर लाई,…

हमारा बिहार- विवेक कुमार

आर्यावर्त की जान, जो है हिंद की पहचान, आर्यभट्ट की धरती पर, बस एक ही नाम, बिहार बिहार बिहार, हमारा बिहार। कुंवर से जिनकी शान, मुजफ्फरपुर की लीची, जिनकी पहचान,…

SHARE WITH US

Share Your Story on
info@teachersofbihar.org

Recent Post